बुधवार, 23 जनवरी 2013

बीते हुए पल





 
              बीते हुए पल को याद कर रोना अच्छा लगता है,
              हम भी यादों में पागल हो जायेंगे ऐसा लगता है। 
                         हसीन पलों  की  यादें  रोज ही मिलने  आती है,
                         अँधेरे दिलो में अब तो ख्वाबो का मेला लगता है।
              प्यार के  दो ... मीठे बोल के तरसते हुए दिल को,
              अपने आँसूं के बूंदे ... ही अब समन्दर लगता है।
                         किसको अपना कहूँ कौन इस दुनियाँ में पराया,
                         गम-ए-सार दिल में तो अभी एक चेहरा अपना है।
              कभी कभी तेरी यादों के सावली रातों ......... में,
              बहते अश्को का ही समन्दर ..... नजर आता है।
                          "राज" दुनियाँ  में  चुप ही  रहे तो  बेहतर है,
                           राई से पहाड़ बनाना तो लोगो की फितरत है।
              गुल-ए-चमन में जाग  कर रात-रात भर .........,
              बीते हुए पल को याद कर रोना अच्छा लगता है।

 
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18 टिप्‍पणियां:

  1. जाता हुँ तो सबके ब्लाँग पर लेकिन आपके ब्लाँग पर आना अच्छा लगता हैँ
    यु आकर टिप्पणी करना अच्छा लगता हैँ
    आपके भुले बिसरे यादो को पढकर अपनेँ यादोँ मे खोना अच्छा लगता हैँ ....
    अश्क को दबाकर रखने के बजाऐँ खुलकर रो लेना अच्छा लगता हैँ ......।

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  2. सुन्दर प्रस्तुति!
    वरिष्ठ गणतन्त्रदिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ और नेता जी सुभाष को नमन!

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  3. मोबाईल वर्ल्ड : Which can run mobile device enabling the Free Inter...: कौन सा मोबाइल उपकरण चला सकते हैँ फ्री इन्टरनेट फ्री इन्टरनेट मोबाइल से चलाने की बात करे तो सबसे पहला ...

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  4. बहुत बढ़िया है-

    दर्द दरदरा देखता, दरपन मध्य दरार |
    दिल दुखवा कासे कहूँ, कैसे बीच बजार |

    शुभकामनायें राजेन्द्र जी ||

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  5. बहुत ही बढ़ियाँ रचना...
    बेहतरीन...
    :-)

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  6. बहुत उम्दा गजल ,,,, राजेन्द्र जी,बधाई शुभकामनायें,,,

    recent post: गुलामी का असर,,,

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  7. अच्छी रचना!
    पंकज उदास जी की ग़ज़ल याद आ गयी...
    'दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है...
    हम भी पागल हो जाएँगे.... ऐसा लगता है...'
    ~सादर!!!

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    उत्तर
    1. पंकज उदास जी का मैं कद्रदान हूँ,उन्ही हे प्रेरित है यह ग़ज़ल,सादर आभार आपका।

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  8. सुंदर गजल | आपके ब्लॉग को यहाँ शामिल कर लिया गया है- ब्लॉग"दीप"

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  9. सुन्दर प्रस्तुति,आपको भी गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  10. बहुत सुन्दर रचना,मन भावाकुल हो रहा है।

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आपकी मार्गदर्शन की आवश्यकता है,आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है, आपके कुछ शब्द रचनाकार के लिए अनमोल होते हैं,...आभार !!!